दिल क्या कहता है मेरा क्या में बताऊँ, तुम ये सम्जोगे शायद में पागल हूँ
दिल करता है टीवी. टावर पे में चढ़ जाऊ,चिल्ला चिल्लाके में ये सबसे केह्दु.
है ये वक्त का इशारा , हर लम्हा पुकारा.
युही देखता है क्या तू , जिंदगी मिलेगी न दोबारा......
दिल करता है सडको पर जोरसे गाऊ सब अपने अपने घरकी खिड़की खोले.
दिल में ऐसे जोशीले गीत सुनाऊ मेरे गीतों को सुनके सब ये बोले.
है ये वक्त का इशारा , हर लम्हा पुकारा।
युही देखता है क्या तू , जिंदगी मिलेगी न दोबारा......
जैसे जीनेको चाहे दिल जी वैसे तू, मेरी तो है बस एक राए के
अपने जितने अरमा है सब पुरे करले तू....!!!
Rock On!!
है ये वक्त का इशारा
हर लम्हा पुकारा...
युही देखता है क्या तू
जिंदगी मिलेगी न दोबारा......
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